अगस्त की बारिश ने तोड़ा 35 साल का रिकॉर्ड, जुलाई की कमी हुई पूरी; नदियां-नहरें लबालब, किसानों की चिंता दूर

वाराणसी: उत्तर प्रदेश में अगस्त के दौरान हुई झमाझम बारिश ने पिछले 35 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लगातार बरसे बादलों ने जुलाई में बारिश की कमी को भी काफी हद तक पूरा कर दिया। औसत के मुकाबले अगस्त में 82 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है। नदियों और नहरों में पानी लबालब होने से किसानों की चिंता भी कम हुई है। अब रबी की फसलों के लिए पानी की उपलब्धता को लेकर राहत की स्थिति है।

पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। अगस्त के अंतिम सप्ताह में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी हिस्सों तक लगभग हर क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई। मानसून की इस सक्रियता का सीधा असर खेती पर पड़ा है। जुलाई में कम बारिश के कारण जिन किसानों को धान की फसल को लेकर चिंता सता रही थी, अगस्त की बारिश ने उनकी परेशानी काफी हद तक दूर कर दी।

बनारस में जुलाई के दौरान औसत से 51 फीसदी कम बारिश हुई थी। इससे किसानों को धान की नर्सरी और फसल को लेकर चिंता थी। अगस्त में मौसम ने पूरी तरह करवट ली और जमकर पानी बरसा। अगस्त में सामान्य तौर पर 245.1 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार 448 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से 82 फीसदी अधिक है। पिछले वर्ष अगस्त में 412 मिलीमीटर बारिश हुई थी।

1991 के बाद अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश

अगस्त में सबसे अधिक बारिश का रिकॉर्ड वर्ष 1991 में दर्ज हुआ था, जब 570.9 मिलीमीटर पानी बरसा था। इसके बाद इस वर्ष 448 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जून से अगस्त तक के पूरे मानसूनी दौर को देखें तो सामान्य तौर पर 615 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, जबकि इस अवधि में 633.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। यानी कुल बारिश सामान्य से तीन फीसदी अधिक रही।

मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश के अनुसार, इस बार बंगाल की खाड़ी में बार-बार निम्न दबाव क्षेत्र बनने और उत्तर प्रदेश के उत्तर में मानसून द्रोणिका के बने रहने से अच्छी बारिश हुई। उनका कहना है कि सितंबर में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

दस साल में सिर्फ दो बार 400 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश

पिछले दस वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अगस्त में केवल दो साल ही ऐसे रहे जब 400 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। इस वर्ष 448.0 मिलीमीटर और पिछले वर्ष 412.1 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं, 2022 और 2016 में बारिश का आंकड़ा 300 मिलीमीटर से ऊपर रहा था।

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में अगस्त में 253.7 मिलीमीटर, 2023 में 179.1, 2022 में 329.4, 2021 में 237.2, 2020 में 206.6, 2019 में 215.8, 2018 में 159.0, 2017 में 145.6 और 2016 में 330.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। वर्ष 2017, 2018 और 2023 में अगस्त की बारिश 200 मिलीमीटर से भी कम रही थी।

अगले चार दिन भी बारिश से राहत के आसार नहीं

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। एक सितंबर को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बारिश को देखते हुए चंदौली और जौनपुर में कक्षा आठ तक के विद्यालयों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।

लगातार बारिश के कारण जहां किसानों को फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिलने से राहत मिली है, वहीं कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी है। नदियों और नहरों में पानी बढ़ने से आने वाले दिनों में खेती के लिए जल उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद है।

 

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